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घबराओ नहीं[जरुर पढे]

युद्ध में हार या जीत का असली मानक हसन नसरुल्ला, हिज़्बुल्लाह के नेता, की शहादत ने एक नई बहस छेड़ दी है कि युद्ध में असली जीत और हार का क्या मानक है। उनकी शहादत एक बड़ा नुकसान है, लेकिन जिस सिद्धांत और उद्देश्य के लिए उन्होंने संघर्ष किया, वह आज भी जीवित है। उनका जीवन और बलिदान इस बात का प्रतीक है कि जब किसी कौम के पास एक मजबूत सिद्धांत होता है, तो वह अपने अस्तित्व के लिए लड़ती रहती है। युद्धों का इतिहास हमें सिखाता है कि हार और जीत का निर्णय हमेशा युद्ध के मैदान में लड़ने वालों की संख्या या शहीदों की संख्या पर नहीं होता, बल्कि उस उद्देश्य की सफलता पर होता है जिसके लिए युद्ध लड़ा गया। यही उद्देश्य है जो जातियों को प्रेरित करता है और उन्हें लड़ने के कारण प्रदान करता है। जब भी कोई कौम युद्ध की शुरुआत करती है, वह एक स्पष्ट उद्देश्य से प्रेरित होती है। यह उद्देश्य कुछ भी हो सकता है: स्वतंत्रता, आत्मनिर्णय, राष्ट्रीय सुरक्षा, या किसी सिद्धांत का संरक्षण। युद्ध में भाग लेने वाले लोग विश्वास करते हैं कि वे किसी बड़े कारण के लिए लड़ रहे हैं। यदि यह उद्देश्य पूरा होता है, तो इसे सफलता माना जाता ...

مسلمانوں کو مذہبی تشدد روکنا چاہیے- استاد محترم سید جواد نقوی

 

US Election Results 2020 बहुमत से सिर्फ 6 वोट दूर बिडेन

  राष्ट्रपति चुनाव में अब डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बिडेन अपनी जीत को लेकर काफी आश्वस्त दिखाई दे रहे हैं। जो बिडेन ने एक ट्वीट में कहा कि "प्रक्रिया और एक-दूसरे पर विश्वास बनाए रखें। एक साथ, हम इसे जीतेंगे।' बता दें कि अब जो बिडेन जीत के काफी करीब पहुंच चुके हैं। उन्हें अब तक 264 इलेक्टोरल वोट हासिल हो चुके हैं जबकि ट्रंप अब भी 214 पर ही कायम हैं। बिडेन ने बराक ओबामा को छोड़ा पीछे अमेरिकी चुनावों के लिए वोटों की गिनती जारी है, लेकिन डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन ने एक रिकॉर्ड बना लिया है। बिडेन अमेरिका के इतिहास में पहले ऐसे राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बन चुके हैं, जिन्हें सबसे ज्यादा वोट मिले हैं। उन्होंने ओबामा का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। Live - 

फ्रांस में हो रहा है मुसलमानों पर अत्याचार देखें वीडियो वायरल।

 सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रही है जिसमें फ्रांस के पुरुष पुलिसकर्मियों के द्वारा एक मुस्लिम महिला के ऊपर अत्याचार करते हुए दिखाया जा रहा है   आप भी वीडियो देखें और ज्यादा से ज्यादा शेयर करें कि किस प्रकार फ्रांस की हकूमत मुसलमानों के साथ अत्याचार कर रही है। नोट- हमे अभी तक इस बात की  पुष्टि नहीं हुई है कि यह वीडियो फ्रांस की है। मगर अगर यह फ्रांस की वीडियो है तो बहुत ही निंदिया है। ट्रंप की हार और जो बिडेन जीते।

मैं ईसाई हूं पर पैग़म्बर मुहम्मद का अपमान बर्दाश्त नहीं

  यह घटना इलेग्ज़ंडरिया के एक स्कूल की है। यह तसवीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और हैशटैग ट्रेंड करने लगाः मैं ईसाई हूं मगर धर्मों का अपमान बर्दाश्त नहीं। खेल ग्राउंड पर पंक्तिबंद्ध खड़े होकर  पैग़म्बर मुहम्मद का अपमान बर्दाश्त नहीं का नारा लिखने वालों में दर्जनों की संख्या में ईसाई छात्र शामिल हुए। मैं ईसाई हूं पैग़म्बर मुहम्मद का अपमान बर्दाश्त नहीं सोशल मीडिया पर इस तसवीर को बहुत सराहा गया। मीना नाम के ट्वीटर हैंडल से इस तसवीर के बारे में लिखा गया कि ईसाई छात्रों द्वारा पेश किया गया  यह दृष्य बेहद आकर्षक है। मैं भी ईसाई हूं लेकिन पैग़म्बर मुहम्मद का अपमान बर्दाश्त नहीं। फ़्रांस में सरकार के भरपूर समर्थन से पैग़म्बरे इस्लाम के आग्रहपूर्ण अनादर पर विश्व स्तर पर फ़्रांस का विरोध हो रहा है और ईरान, पाकिस्तान और तुर्की सहित कई सरकारों ने इस मुद्दे पर कठोर रुख़ अपनाया है।

सऊदी अरब के नक्शे से गायब कश्मीर!

सऊदी अरब के केंद्रीय बैंक ने एक नोट जारी किया है जिसको लेकर भारत ने आपत्ति जताई है। भारत का आरोप है कि सऊदी अरब के बैंक द्वारा जारी किए गए नोट में भारत की सीमाओं का ग़लत चित्रण किया गया है। भारत सरकार ने सऊदी अरब से इस ग़लती को सुधारने को कहा है। यह नोट जी-20 की बैठक को लेकर जारी किए गए हैं।

रूस ने की अमरीका की कड़ी आलोचना

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार रूसी सीनेट की इंटरनेशनल कमेटी के अध्यक्ष कॉन्स्टेंटिन कोशेवोव ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा हाल ही में ईरान में उप्रदव करने वालों को सम्मानित करने की घोषणा बहुत ही निचले स्तर की राजनीति है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प के इस शर्मनाक एलान पर संयुक्त राष्ट्र संघ को संज्ञान लेकर उनके विरुद्ध कार्यवाही करनी चाहिए। कॉन्स्टेंटिन कोशेवोव ने कहा कि  रूस, ईरान के आंतरिक मामलों में अमेरिकी अधिकारियों के शर्मनाक हस्ताक्षेप और इस देश में उप्रदव करने वालों को उकसाने और उन्हें सम्मानित करने की घोषणा की कड़े शब्दों में निंदा करता है। दूसरी तरफ, एक पूर्व अमेरिकी अधिकारी ने एक बहुत ही भड़काऊ बयान में कहा है कि ईरान के सुरक्षाबलों के मुक़ाबले में खड़े उप्रदवियों को हथियारों और विस्फोट पथार्दों से लैस करना अमेरिकी एजेंसियों की प्राथमिकता होनी चाहिए।  अमेरिका के पूर्व उपविदेश मंत्री स्टीवर्ट बेकर ने “लॉ आफ़ेयर” नामक वेबसाइट पर लिखा है कि अब समय आ गया है कि ईरान में लोगों को हथियारों और विस्फोटकों से लैस किया जाए। यह ऐसी स्थिति में है कि यूरोपीय संघ की वि...

मोदी सरकार ने केंद्रीय एजेंसियों को रोहिंग्या मुसलमानों की एंट्री न होने के लिए दिया निर्देश

मोदी सरकार के रोहिंग्या मुसलमानों पर शिकंजा कसने के साथ केंद्रीय एजेंसियों को भारत में रोहिंग्या के प्रवेश के सभी संभावित रास्तों की पहचान करने और उन पर रोक लगाने के लिए अधिकतम इंतजाम करने को कहा गया है। याद रहे म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के साथ अत्याचार के चलते लोग पलायन कर अपनी जाने बचाने के लिए भारत आते हैं पर मोदी सरकार मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों को कोई महत्व नहीं दे रही है  लगता ऐसा है के ट्रम्प को खुश करने के लिए यह सब किया जा रहा है